Horror stories short | अनोखी दुनिया की सैर । Anokhi duniya ki sair


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तो आज आज मैं आप लोगों के लिए एक बहुत ही डरावनी Anokhi duniya ki sair stories लेकर आया हूँ।
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तो चलिए देर ना करते हुए हम आज की horror stories शुरू करते हैं।



जो कि आधारित है एक Anokhi duniya ki sair ,short stories for kids अनोखी दुनिया और दो बच्चों पर।


    अनोखी दुनिया की सैर

         Anokhi duniya ki sair

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चन्दा और मुनमुन अच्छे मित्र होते है। दोनों एक दूसरे के पड़ोसी भी होतो हैं। उनके माता पिता अच्छे व्यापारी होते हैं। चन्दा और मुनमुन ज्यादातर वक्त एक दूसरे के साथ बीतते हैं। वो दोनों एक ही विद्यालय में पड़ते हैं।

चंदा को किताबे पड़ना अच्छा लगता है पर मुनमुन को खेलना। फिर भी वो दोनों हर रविवार को पुस्तकालय जाकर किताबें लाते थे। चंदा को पुरानी जादुई और परियों की कहानी पड़ना अच्छा लगता था। मुनमुम भी उसके  साथ पढ़ लेता था।

वो दोनों अगले रविवार का इंतज़ार बेसब्री से कर रहे होते हैं, क्योंकि मुनमुन की दादी ने उसे एक अनोखी दुनिया के बारे मे बताया था। जहाँ सब कुछ लोगों की इच्छा के हिसाब से होता था। वह बहुत ही सुंदर जगह होती है।

जब रविवार आता है तो चंदा और मुनमुन पुस्तकालय जाते हैं। वो वहां दादी की कहानी जैसी पुस्तक ढूंढने का प्रयास करते हैं। वो बहुत सी पुरानी पुस्तकें पढ़ते हैं, पर उन्हें वह पुस्तक नहीं मिलती।

 वो पुस्तक पढ़ ही रहे होते हैं कि तभी वहां लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगती हैं। लोग इधर उधर भाग रहे होते हैं क्योंकि पुस्तकालय में कहीं पर आग लगी होती है।

इसलिए चंदा और मुनमुन भी भागने लगते हैं, तभी अचानक एक किताब दराज से चंदा के हाथ में आ गिरती है। उस अनोखी किताब पर लिखा होता है कि "अनोखी दुनिया का रास्ता"। इसलिए चंदा वह किताब ले लेती है और तुरंत वह मुनमुन के साथ उस पुस्तकालय से निकलकर तुरंत घर पहुचती है। फिर वो सारी घटना अपने माता पिता को बताते हैं।

जब शाम को वो दोनों पढ़ाई कर रहे होते हैं, तो चंदा मुनमुन को उस किताब के बारे में बताती है। मुनमुन उस किताब को देखने के लिए बहुत उत्सुक हो जाता है। फिर वो दोनों किताब को पढ़ने के लिए खोलते हैं, और चंदा पड़ना आरंभ करती है।
उस किताब में बहुत सी अनोखी चीजों के बारे में लिखा होता है। जो उन्होंने पहले न तो कभी सुना था और न ही कभी देखा था। उस दुनिया का नाम था भ्रमणनगरी। उस नगरी में चाहे वह जानवर हो, पक्षी हो या कोई कीट हो सब एक दूसरे की भाषा भली भांति समझते थे।

वहां हर कोई एक दूसरे से प्रेममय व्यवहार करते थे। उनकी एक रानी भी थी जिनका नाम था रानी उमावती वो बहुत ही दयालु थीं और अपनी जनता की रक्षा के वो हमेशा तैयार रहती थीं। इसलिय उनकी जनता भी उनसे बहुत प्यार और आदर करती थी।

उस किताब में यह भी लिखा था कि अगर कोई वहां जाना चाहता है तो उसे किताब के आखिरी प्रष्ट पर लिखे मन्त्र को पूरे मनोबल के साथ तीन बार उस मन्त्र को आंखे बंद करके दोहराना होगा और वह उस अनोखी दुनिया में पहुँच जाएगा।

तभी वहां मुनमुन की दादी आ जाती हैं, और वो उनको अपना होमवर्क खत्म करके सोने के लिए कहती हैं। इसलिए वो दोनों अपना होमवर्क खत्म करके सोने चले जाते हैं, और किताब को वैसे ही छोड़ देते हैं। जब चंदा रात को सो रही होती है तो वह उस अनोखी दुनिया का सपना देखती है।

 वह देखती है कि वह वहां की रानी के साथ घूम रही होती है। लोग उसका वहां स्वागत करते हैं और उसे बहुत सारे उपहार भी देते हैं। इस सब से चंदा बहुत खुश होती है। फिर रानी उसे अपने शाही महल में ले जाती हैं, और उसे अच्छा खाने को देती है। चंदा रानी से मिलकर बहुत खुश होती है। रानी उसे सोने के लिए मेहमान खाने का सबसे बढ़िया कमरा देती हैं।

जब चंदा उस बित्तर पर सोती है, तो उसे वह बिस्तर बहुत मुलायम लगता है। जब वह सो रही होती है तो उसे एक सपना आता है जिसमे उसे सिर्फ ज़ोर ज़ोर से एक ही आवाज़ सुनाई देती है, कि" आ जाओ हमारी दुनिया में" बार बार एक ही आवाज़ सुनकर वह उठ जाती है। फिर वह सुबह होने का इंतजार करने लगती है।

जब सुबह होती है तो चंदा अपने सपने के बारे में मुनमुन को बताती है। चंदा की बात सुनकर अब मुनमुन और ज्यादा उत्साहित हो जाता है। वह चंदा को कहता है कि जैसे ही वो घर जाएंगे तो वो उस किताब को पड़ेंगे।

 जब वो शाम को खाली होते हैं तो किताब पढ़ने बैठते हैं। फिर वो किताब को पलट कर देखते हैं तो पाते हैं कि वहाँ एक मंत्र लिखा है, जैसा कि उन्होंने किताब में पढ़ा था। वो किताब में इतने खो चुके होते हैं कि उन्हें और कुछ समझ ही नही आता और वो फिर मंत्र को दोहराने लगते हैं।

 जैसे ही वो मंत्र को पहली बार पढ़ते हैं तो तेज हवा चलने लगती है। तेज हवा के कारण कमरे में रखी चीजें हवा में उड़ने लगती हैं। जिससे मुनमुन घबरा जाता है और मंत्र उच्चारण बंद कर देता है। फिर वो दोनों दुबारा कोशिश करते हैं और मंत्र को पढ़ते हैं।

फिर तेज हवा चलने लगती है वो हिम्मत करके मंत्र का उच्चारण करना जारी रखते हैं। फिर वो भी हवा में उड़ने लगते हैं। पर इस बार वो मंत्र का जाप करना बंद नहीं करते और जैसे ही वो तीसरी बार मन्त्र पढ़ते हैं तो उन्हें अनुभूति होती है कि तेज हवाएं बंद हो चुकी है।

 फिर वो जैसे ही अपनी आंखें खोलते हैं तो वो पाते है कि वो किसी अजीब जगह आ गए हैं। फिर उन्हें लगता है कि यह अजीब जगह वही अनोखी दुनिया तो नहीं।

वो वहां देखते हैं कि वहाँ दूर दूर तक सिर्फ हरे भरे खेत होते हैं जिसमे तरह तरह की फसलें लहरा रही होती हैं। वो वहां का नजारा देख ही रहे होते हैं कि तभी वहां एक चूहा जैसा दिखने वाला जानवर आया। वो चंदा और मुनमुन से पूछ रहा होता है कि वो कोन हैं और कहाँ से आए हैं।

चंदा और मुनमुन को उस चूहे की बात सुनकर बहुत आश्चर्य हुआ क्योंकि इससे पहले उन्होंने कभी भी बोलने वाला चूहा नहीं देखा था।

वो चूहे को अपना नाम बताते हैं और कहते हैं कि वो उसकी दुनिया मे घूमना चाहते थे इसलिए यहाँ आ गए। उन्होंने उसे यह भी बताया कि वो उसकी रानी से मिलना चाहते हैं और वो यह कुछ दिनों के लिए घूमने आए हैं।

फिर चूहा कहता है कि उसकी रानी ऐसे ही किसी से नहीं मिलती और हमारे यहां किसी अजनबी को जगह घुमाना मना है। इसलिए वह चूहा चंदा और मुनमुन को जगह घुमाने से मना कर देता है, और वहां से चला जाता है।

 फिर चंदा और मुनमुन वहां से आगे बढ़ते हैं और थोड़ी देर चलने के बाद वो एक गाँव में आ पंहुचते हैं। वो वहां देखते हैं कि वहाँ बाज़ार लगी होती है। उस बाजार का दृश्य अद्भुत होता है क्योंकि उस बाजार में बंदर, हाथी, घोड़ा और कई छोटे मोटे जानवर फल और सब्जियां बेच रहे होते हैं।

 चंदा और मुनमुन को तो अपनी आंखों पर भरोसा ही नहीं होता। जब वो बाजार में घूम रहे थे तो लोग उनको आश्चर्यचकित होकर देख रहे होते हैं क्योंकि उनका पहनावा उन लोगों से बहुत अलग होता है। जब वो बाजार में आगे जा रहे होते हैं तो उन्हें एक आदमी मिलता है।

 वह चंदा और मुनमुन से पूंछता है कि वो कौन हैं और कहाँ जा रहे हैं।
 चंदा उसको सच सच बता देती है कि वह कैसे यहां पहुची और फिर कहती है कि वह उसकी रानी से मिलना चाहती है। वह आदमी हँसकर कहता है कि क्या माजक करने के लिए मैं ही मिला था।

चंदा फिर उससे कहती है कि वह माजक नहीं कर रही। तो वह व्यक्ति कहता है कि वह उन्हें अपना शहर घुमा सकता है और  वह रानी से भी उन्हें मिलवा देगा। उसकी बात सुनकर वो दोनों बहुत खुश हो जाते हैं और उस  आदमी के साथ चल देते हैं। जब वो उसके घर पहुंचते हैं तो वह कहता है कि वो आज नही कल रानी से मिलने जाएंगे।

 इसलिए तुम आज रात के लिए मेरे मेहमान घर मे रह सकते हो। वो दोनों उसकी बात मान जते हैं। पर उन्हें यह नहीं पता होता है कि वह आदमी एक व्यापारी है जो लोगों को बेचने का व्यापार करता है वह उनसे काम भी करवाता है।

जब सुबह हुई तो मुनमुन धूप सेंकने के लिए बाहर गया हुआ था। तभी उसे उस आदमी का पड़ोसी उसे आकर कहता है कि वो आदमी बहुत नीच है, वह लोगों को बाजार में बेंचने का काम करता है। वह भोले भाले लोगों को बहला फुसला कर उसके घर लाता है, और उन्हें बेच देता है।

 वह पड़ोसी मुनमुन से कहता है कि अगर गुलाम नहीं बनना चाहते तो तुरंत यहां से भाग जाओ। इतना कहकर वो वहां से चला जाता है।
 फिर मुनमुन तुरंत घर के भीतर जाता है और चंदा को जगाने लगता है। वह उससे कहता है कि बिना कोई सवाल किए मेरे साथ चलो फिर वो वहां से भाग जाते हैं। थोड़ी दूर पहुँच कर मुनमुन सबकुछ चंदा को बता देता है।

तब चंदा कहती है कि शुक्र है कि हम बच गए। अगर वह आदमी जग जाता तो वे मुसीबत में पड़ सकते थे। फिर वो गांव में कई लोगों से पूंछते हैं कि वो रानी से कैसे मिल सकते हैं। पर अजनबी होने के कारण उन्हें कोई ठीक ठीक जवाब नहीं देता।

वो कई लोगों से पूंछते हैं तो उन्हें एक आदमी मिलता जो कि रानी के दरबार मे काम करता था। चंदा और मुनमुन उसके पास जाते हैं और उससे आग्रह करते हैं कि उन्हें रानी से मिलवा दें।

 बहुत कहने पर वह आदमी कहता है कि अब वो दरबार मे काम नही करता इसलिए वह उसे वहां नहीं ले जा सकता है, पर वो कोसी को जनता था जो कि उन्हें रानी से मिलवा सकता था। फिर वो उससे कहते हैं कि कृपया आप मुझे उनसे मिलवा दीजिए।

वो देर ना करते हुए उस व्यक्ति के पास जाते हैं। चंदा उससे बहुत आग्रह करती है तब कहीं जाकर वो आदमी उन्हें रानी के पास ले जाने के लिए तैयार हो जाता है। वह उनसे पूंछता है कि वो रानी से क्यों मिलना चाहते हैं? तो इस बार मुनमुन ने सब कुछ सच बता दिया और कहने लगा कि वो अब वापस अपने घर जाना चाहते हैं।

 वह व्यक्ति जनता था कि रानी ऐसी बातों पर यकीन नहीं करेंगी पर फिर भी वो उन्हें रानी से मिलवाने के लिए ले जाता है। फिर वो दोनों वहां पहुच कर उस वक्त का इंतजार करते हैं कि कब वो रानी से मिलेंगे।

जब रानी के महल के बाहर पहुचते हैं तो वो देखते हैं कि वहाँ बहुत सारे सिपाही खड़े हैं और रानी का महल बहुत ऊंचाई पर बना है। जहां तक पहुचने के लिए बहुत सी सीढिया चढ़ना पड़ता है।

वो आगे बढ़ते हैं और एक सिपाही उनके आने की सूचना रानी को दे आता है। जब चंदा और मुनमुन महल में पहुंचते हैं तो वह देखते हैं कि महल की दीवारें सोने की बनी होती है। दीवारों पर बनी नक्काशियां देखकर वो दंग रह जाते हैं। तभी वहां रानी आ जाती है।

 सब रानी को प्रणाम करते हैं। चंदा रानी को देखकर कहती है कि वह बहुत खूबसूरत है। रानी उनसे वहां आने का कारण पूंछती है।
तो फटाक से मुनमुन सब कुछ रानी को बता देता है। और कहता है कि अब वह वापस जाना चाहता है। ये सब सुनकर रानी उन दोनों को अपने निजी कमरे में ले जाती है और कहती है कि वह जब तक चाहें यहाँ रह सकते हैं।

 पर मुनमुन बार बार वापस जाने के लिए कहता है।  फिर रानी कहती है कि तुम वापस जरूर जाओगे पर पहले थोड़ा हाथ मुँह धो लो और नास्ता कर लो।
 इतना कहकर रानी वहां से चली जाती है। फिर चंदा और मुनमुन खाने के लिए तैयार हो जाते हैं। थोड़ी ही देर में उन्हें बुलावा आता है कि खाना तैयार है वह अब आ सकते हैं।

जब वो बाहर पहुचते हैं तो देखते हैं कि एक बड़ी सी मेज पर बहुत सारा अलग अलग प्रकार का खाना रखा होता है। फिर देर न करते हुए वो दोनों खाने की मेज पर बैठ जाते हैं। रानी वहाँ पर पहले से ही बैठी होती हैं।

वो उन दोनों से खाना शुरू करने के लिए कहती हैं। खाना खाते खाते मुनमुन फिर रानी से पूंछता है कि वह वापस कैसे जा सकता है। रानी उन दोनों से कहती है कि पहले इस अनोखी दुनिया में बहुत से लोग घूमने आया करते थे। फिर वो वापस अपने घर चले जाते थे।

 रानी कहती है कि बहुत समय पहले हमारी इस दुनिया में एक पुस्तकालय था। लोग उसी की किताबों में लिखे मंत्रों को पढ़कर वापस जा पाते थे। पर अब वह पुस्तकालय चण्डिनी नाम की डायन के पास है। उसने चुपके से वह पुस्तकालय चुरा लिया था।

 जब हमें इस बात का पता चला तो बहुत देर हो चुकी थी। चण्डिनी उस पुस्तकालय को लेकर एक ऐसी जगह चली गई थी जहाँ हमारे लोगों का जाना वर्जित है। इसलिए हम उस पुस्तकालय को वापस नहीं ला सके।

 रानी उनसे कहती है कि हमारे कुलगुरु ने बताया था कि भविष्य में कुछ बच्चे यहां आएंगे जो पुस्तकालय को वापस पाने में हमारी मदद करेंगे। यह सुनकर चंदा और मुनमुन थोड़ी सोंच में पड़ जाते हैं।
फिर वो दोनों रानी से पूंछते हैं कि आखिर बच्चे कैसे पुस्तकालय को वापस ला सकते हैं।
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 इसपर रानी कहती है कि हमारे कुलगुरु ने एक ऐसे अश्त्र का अविष्कार किया है जिसकी मदद से उस जगह पर लगा सुरक्षा कवच को तोड़ा जा सकता है।

 पर उस अश्त्र का इस्तेमाल केवल बच्चे ही कर सकते हैं जो दूसरी दुनिया से आये हों। वो ही उस पुस्तकालय को वहां से ले सकते हैं। चंदा और मुनमुन यह काम करने के लिए तैयार तो हो जाते हैं पर वो रानी से पूंछते हैं कि वो अकेले कैसे उस चण्डिनी से मुकाबला करेंगे।

तो रानी कहती है कि अगर एक बार उस जगह पर लगा कवच टूट जए तो हम वहाँ हमला कर देंगे और चण्डिनी हरा देंगे। चंदा और मुनमुन अपने घर जाना चाहते थे इसलिए वो वहां जाने के लिए मान जाते हैं।
चंदा और मुनमुन की हामी सुनकर रानी सेनापति से युद्ध की तैयारी शुरू करने को कहा।

लगभग तीन दिन बाद वो हमला करने के लिए तैयार थे। रानी ने चंदा और मुनमुन वो हथियार दिया और कहा कि पहले तुम इसकी मदद से सुरक्षा कवच तोड़ देना फिर हम चण्डिनी पर हमला कर देंगे।

 तब तुम पुस्तकालय में जाना और पुस्तकालय नाम की एक पुस्तक उठाना और पहले पृष्ठ पर लिखे मंत्र को जोर जोर से पढ़ना।
जब तुम ऐसा करोगे तो पुस्तकालय अपने आप हवा में उड़कर अपनी असली जगह पर पहुँच जाएगा। युद्ध की तैयारियां हो चुकी थी। अब सब उस जगह पर जाने के लिए तैयार थे जहाँ पुस्तकालय रखा था।

रानी ने चंदा और मुनमुन को अपने रथ पर बिठा लिया और उस जगह पर जा पहुंची। वहां पहुँचकर चंदा ने जैसे ही उस हथियार को हाथों में लिया तो वह चमकने लगा। यह देखकर वह आश्चर्यचकित रह गई।

फिर उसने देर न करते हुए उस जगह पर लगे सुरक्षा कवच को तोड़ दिया। सुरक्षा कवच टूटते ही रानी की सेना ने चण्डिनी और उसके साथियों पर धावा बोल दिया। अचानक हुए हमले ने चण्डिनी को संभलने का मौका भी नहीं दिया। इस हमले में चण्डिनी के कई साथी मारे गए।

अपने साथियों को मारता देख चण्डिनी ने रानी पर हमला कर दिया। पर चण्डिनी की शक्तियां रानी के सामने कुछ भी न थीं। इसलिए उसको मुकी खानी पड़ी। युद्ध के बीच में चंदा और मुनमुन उस पुस्तकालय में गए।

 उन्हें पुस्तकालय ढूंढने में तकलीफ इसलिए नहीं हुई क्योंकि अंधेरे में भी वह सूरज की तरह चमक रहा था।
horror stories in hindi
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 दोनों पुस्तकालय में गए और पुस्तकालय नाम की पुस्तक ढूंढने लगे। उन्होंने पुस्तक को हर जगह ढूंढा पर वह उन्हें कहीं नहीं मिली। फिर उन्होंने सोचा हो सकता है कि वह पुस्तक चण्डिनी के पास हो।

इसलिए वो तुरंत रानी के पास गए और उनको सबकुछ बता दिया। चंदा और मुनमुन की बात सुनकर रानी ने तुरंत चण्डिनी को अपने बालों की चपेट में ले लिया। फिर उससे किताब के बारे में पूछने लगीं।

पर चण्डिनी ने रानी से कहा कि वह किताब उसे कभी नहीं मिलेगी। तो चंदा और मुनमुन किताब ढूंढने के लिए चण्डिनी के पास गए। पर चण्डिनी ने उन्हें सम्मोहित कर लिया। उनके पास अजीबो गरीब शक्तियां आ गई।
उन्होंने ने रानी को बंदी बना लिया और चण्डिनी को रानी की गिरफ्त से आजाद करा लिया।

रानी को बंदी बना देख सारी सेना ने घुटने टेक दिए। फिर चण्डिनी ने रानी को एक खंभे से बांधकर लटका दिया और जोर जोर से हंसने लगी।

 तभी रानी का एक सिपाही चण्डिनी के पास जाकर कहता है कि उन्होंने एक सबसे शक्तिशाली रानी को हराया है इसलिए वो सबसे शक्तिशाली हैं।

 ऐसा कहते हुए वह चण्डिनी के पैरों पर गिर पड़ता है। यह देखकर चण्डिनी और खुश हो जाती है और कहती है कि मुझे तुम्हारी रानी होना चाहिए था पर कोई बात नहीं रानी को मारने के बाद तो मैं ही रानी बनूँगी।

तब वह सिपाही खड़ा हो जाता है और चण्डिनी की आंखों में धूल डाल देता है जिससे उसकी सम्मोहन शक्ति टूट जाती है, और चंदा और मुनमुन को होश आ जाता है। वो सिपाही चण्डिनी से वह किताब लेकर चंदा को दे देता है।

 किताब आते ही चंदा जोर जोर से मंत्र पढ़ना शुरू कर देती है। मंत्रों की गूंज से पुस्तकालय हवा में उड़ने लगता है। तभी चण्डिनी चंदा को रोकने का प्रयास करती है पर तबतक बहुत देर हो चुकी होती है।
पुस्तकालय अपनी असली जगह पर जाने के लिए निकल चुका होता है। फिर चण्डिनी उन दोनों को भी बंदी बना लेती है।

फिर वह रानी को मारने के लिए चल देती है। पर जैसे ही वह रानी को मारने चलती है तो वह आग की लपटों में तब्दील हो जाती है। यह देखकर सब आश्चर्य चकित रह जाते हैं। फिर वह सिपाही रानी को नीचे उतरता है और देखते ही देखते चण्डिनी के सभी साथी वहां से गायब हो जाते हैं।

फिर सभी सिपाही रानी और चांद, मुनमुन के साथ महल की ओर प्रस्थान करते हैं। महल में जाकर उन्हें पता चलता है कि चण्डिनी को एक साधु ने श्राप दिया था कि अगर पुस्तकालय यहां से बाहर गया तो वह जलकर भष्म हो जाएगी।

जब रानी को यह पता चला तो उन्होंने कहा कि बुरे लोगों के साथ बुरा ही होता है। फिर रानी चंदा और मुनमुन को मदद करने के लिए शुक्रिया कहती है।

 वो पुस्तकालय से एक पुस्तक लेकर आती हैं और कहती हैं कि तुम इस पुस्तक को पढ़कर वापस अपनी दुनिया में जा सकोगे। फिर देर न करते हुए चंदा और मुनमुन रानी से विदा लेते हुए कहते हैं कि हमे आपसे मिलकर बहुत ही अच्छा लगा।

उन्होंने किताब पढ़ना शुरू किया और वापस अपने घर आ गए। उनके कमरे कमरे की हालत कुछ ठीक नहीं होती है। बहुत जोर से हवा चलने के कारण उनका सामान इधर उधर बिखरा पड़ा होता है।

तभी मुनमुन की दादी वहां आ जाती है और कमरे की ये हालात देखकर उनसे कहती है कि अपनी शैतानियां बन्द करो। और ये क्या हालत बना रखी है। अगर तुम्हारी माँ ने देखा तो तो वो तुम पर बहुत गुस्सा होंगी।

इसलिए जल्दी से कमरे की हालत ठीक करो और खाना खाने के लिए बाहर आ जाओ। फिर वो दोनों मिलकर सब सामान सही करते हैं और कमरे की सफाई करते हैं।

फिर वो खाना खाने के लिए बाहर आ जाते हैं। जब वो सोने जाते हैं तो मन में कहते हैं कि वो उस अनोखी दुनिया को कभी नहीं भूलेंगे क्योंकि उन्होंने ऐसा पहले कभी नही देखा था। वो दोनों बहुत खुश होते हैं।

अब वो पुस्तकालय हफ्ते में दो बार जाने लगते हैं। उनका मन अब पढ़ाई में ज्यादा लगने लगता है।


 पढ़ने के लिए धन्यवाद


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