Horror story in Hindi। Online Bhuton ka jamana। ऑनलाइन भूतों का जमाना

दोस्तों क्या अपने कभी ऑनलाइन भूतों कि कहानी पढ़ी है? Horror story in hindi 2021 क्या आप कहानी पढ़ने के सौखीन हैं?

Real life haunted story क्या आपके साथ कभी कोई अजीब घटना घटी है जिससे आप को डर लगा हो? Daravni kahani अगर हां तो आज कि कहानी सिर्फ आपके लिए है?

 इस कहानी में राजन एक दिन ऑनलाइन भूत की कहानी  search करता है और फिर को उसके साथ होता है वह तो दिल दहला देने वाली कहानी है। 

अगर आप जानना चाहते हैं कि राजन के साथ क्या हुआ तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें। अगर आपको कहानी अच्छी लगती है तो हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं।

   ऑनलाइन भूतों का जमाना       

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राजन अपने परिवार के साथ धोलेरा शहर में रहता था। वो एक समृद्ध परिवार से था। उसके साथ उसके माता पिता के साथ उसके दादा दादी भी रहते थे। पिछले वर्ष एक सड़क दुर्घटना में उसके दादा की मृत्यु हो गई थी।  तब से वो धोलेरा सहर में रहने लगते है ।

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 राजन को किताबे पड़ने का बहुत शोक था। वह जब भी कभी फ्री होता था तो वह किताबे पड़ लिया करता था। अगर उसके पास किताबे नहीं होती थी तो वह अपने मोबाइल में ईबुक डाउनलोड कर के पड़ता था । 

वह बहुत कम ही खेलता था नहीं तो वह सिर्फ किताबी दुनिया में ही खोया रहता था। उसकी दादी और उसके दोस्त उसे किताबी कीड़ा कहते थे।


उस रात भी राजन किसी अच्छी पुस्तक की तलाश एमजोन पर कर रहा था।उष दिन उसे पता नहीं क्या हो गया था वह भूतो और चुडैल की किताबे ढूंडने लगता है। इससे पहले उसने पहले कभी भी भूतो से संबंधित किताबे  नहीं पड़ी थी। उस रात  बहुत ढूंडने पर उसे एक किताब मिली जिसका नाम घोस्ट आफ माई अंकल वह उसे तुरंत डाउनलोड करता है ओर पड़ने लगता बैठ जाता है।

 जब वह उस किताब को पड़ रहा होता है तो उसके साथ अजीब अजीब घटना घटने लगती है जैसे उस बार बार लगता है कि उसका कोई दरवाजा खटखाटा रहा है। 


फिर उसे लगता है उस कोई बुला रहा है। लगभग उसने आधी किताब पड़ ली होगी तभी उसके घर में कोई चीज जलने की महक आने लगती है । वह मोबाइल रख कर देखने गया की क्या जल रहा है। वह जैसे ही अपने आंगन में पहुंचता है तो देखता है कि उसका सारा घर आग की लपटों में है।

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 वह तुरंत जाकर अपनी दादी मां और माता पिता को जगाता है और घर से बाहर निकल जाता हैं। सब मिलकर आग बुझाने की कोशिश करते है पर आग बुझती नहीं है।आग ओर बढ जाती है जिससे घर में रखा सारा समान जल जाता है । 

कमरे में कापड़े होने कि वजह से राजन का मोबाइल फोन भी जल जाता है। अब उनके पास रहने की कोई जगह नहीं होती इसलिए राजन अपने परिवार के साथ अपने चाचा के घर रहने के लिए चला जाता है।राजन का घर जलने के कारण उसके चाचा दुख जताते है।

राजन कुछ दिनों बाद एक नया मोबाइल फोन ले लेता है। जब वह अपने पुराने मोबाइल सारा डाटा  अपने मोबाइल में एक्सेस कर रहा होता है तो उसे अचानक मोबाइल से एक जोर से चीखने कि आवाज आती है उसमे दिख रहे चित्र को धेखकर वह डर जाता है और अपना मोबाइल फोन फेक देता है । 


जब वह अपना मोबाइल फेंकता है तो मोबाइल टूट जाता है , ओर उसमे से अजीब सा धुआ निकलने लगता है । धूआ की वजह से राजन को सांस लेने में दिक्कत होती है इसलिए वो बाहर निकाल जाता है ।

 जब वह कमरे में दुबारा आता है तो देखता है वह बिल्कुल भी दुआ नहीं है ओर उसका मोबाइल भी बिल्कुल ढीक हैं। वह मोबाइल को ठीक ठाक ढेखकर  खुश हो जाता है।

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अगली सुबह जब वह स्कूल जा रहा होता है, तो वह सिर्फ अपने मोबाइल के बारे में ही सोच रहा होता है। तभी वह एक लड़की से टकराता है। वह उस लड़की से माफी मांगता है और अपने स्कूल चला जाता है।

 जब वह शाम को घर आता है तो देखता है कि वह लड़की उसके चाचा के घर पर है। वह उसे देखकर कहता है कि ' अरे आप यहां?' तब उसके चाचा उससे पूछते हैं कि क्या वह दोनों एक दूसरे को जानते हैं? तब लड़की जवाब देती है कि जब सुबह मैं आ रही थी तो इन्हीं से टकरा गई थी। 


मैंने आपको बताया था ना। तब चाचा कहते हैं कि ठीक है हाथ मुंह धो लो और खाने के लिए आ जाओ। तब राजन अपने कमरे में जाकर रिफ्रेश होता है और खाना खाने के लिए खाने की टेबल पर बैठ जाता है। 

वहां वह लड़की उसी बुक के बारे में बात कर रही होती है और कहती हैं कि उस किताब में बहुत बड़ा रहस्य छुपा है। उसकी बात सुनकर सब हंसने लगते हैं पर राजन उसकी बातों को ध्यान से सुन रहा होता है।


खाना खाकर सब अपने अपने कमरे में सोने चले जाते हैं। राजन को स्कूल से कुछ कम मिला होता है इसलिए वह उसे खत्म करने लगता है। तभी उसे खिड़की के बाहर उसे किसी के होने का अहसास होता है। 

वह खिड़की के पास जाकर देखता है पा उसे वहां कोई नहीं दिखता। इसलिए वह काम खत्म करके सोने चले जाता है। पर उसे नींद नहीं आ रही होती है। इसलिए वह इधर उधर करवटें बदल रहा होता है।


 तभी अचानक उसे छत से कोई उल्टा लटका हुआ दिखाई देता है। उसकी डर के मारे चीख निकल जाती है। वह चीख कर कमरे के बाहर भागता है। 

उसकी चीख सुनकर सब बाहर आ जाते हैं। उसके पिता पूछते हैं कि क्या हुआ। वह  अपने कमरे की तरफ इशारा करते हुए कहता है कि वहां कोई है। वो उसके कमरे में जाकर देखते हैं पर उन्हें वहां कोई दिखाई नहीं देता। फिर वह राजन से कहते हैं कि वह तुम्हारा भ्रम होगा बेटा और सब सोने चले जाते हैं।

अगले दिन भी जब वह खाना खाकर सोने का रहा होता है तो उसे वहां कोई दिखाई देता है। वह भागने लगता है पर दरवाजा बंद होने के कारण वह भाग नहीं पाता और वह आत्मा उसके पास आकर उसके मांथे पर हाथ रखकर कुछ कहती है और वह उसके शरीर में घुस जाती है। जब सुबह होती है तो राजन देर तक सोता रहता है। 

जब उसकी दादी उसे जगाने जाती है तो देखती है कि उसका कमरा उलझा पड़ा है। वह राजन को जगाने लगती है पर वह नहीं जागता। वह बार बार उसे जगाती है। वह अचानक उठकर अपनी दादी को धक्का दे देता है और उसकी दादी गिर जाती है।

राजन की दादी देखती है कि राजन का चेहरा पूरी तरह बदल चुका होता है। वह एक मेरी हुई लाश की तरह हो जाता है । उसकी आवाज भी बदल जाती है ।

 उसे देखकर राजन की दादी वह से भाग जाती है और सबको इसके बारे में बताती है । तो राजन के चाचा कहते है , अम्मा बुढापे में आप सठिया गई हो कैसी कैसी अजीब बाते कर रही हो।

 भला राजन का चेहरा मरी हुई लाश जैसा कैसा हो सकता है। मै खुद अभी उसे बुलाकर लाता हूं। जब राजन के चाचा ताव में उसके कमरे में जाते हैं तो देखते हैं कि उसका सारा सामान बिखरा पड़ा हुआ होता है।

 वो भी राजन को जगाने की कोशिश करते हैं। पर राजन के अंदर बसी आत्मा अपने असली रूप में a अती है और उसके चाचा डर कर वहां से भाग जाते हैं। वह बाहर जाकर कहते हैं कि राजन को किसी काली शक्ति ने अपने वश में कर लिया है। 

तकरीबन ग्यारह बजे राजन कि मां उसे आवाज देती हैं कि बेटा खाना खा लो। तब अव खाना सुनकर तुरंत कमरे से बाहर आ जाता है और खाने पर इस कदर टूट पड़ता है कि उसने वर्षों से खाना खाया ही न हो। 

उसको इस तरह खाना खाते देख उसकी मां कहती हैं कि क्या हो गया है मेरे बेटे को। तब राजन खाना खाकर वापस अपने कमरे में चला जाता है।

 तब उसके चाचा कहते हैं कि वह किसी बड़े तांत्रिक को जानते हैं जो भूतों और चुड़ैल को अपने वश में कर लेते हैं। हो सकता है कि वह राजन को ठीक कर दें।

वो उस तांत्रिक को घर पर बुलाते हैं। जब वह तांत्रिक घर आ रहा होता है तो जैसे ही वह पैर घर के अंदर रखता है तो कोई शक्ति उसे घर के बाहर धकेल देती है। वह राजन से कहता है कि इस घर पर किसी बहुत बड़ी काली शक्ति का साया है। जिसकी वजह से वह घर के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे। 

वह राजन के पिता को सावधान करते हुए कहते हैं कि अगर अगली अमावस्या तक उस आत्मा को राजन के शरीर से बाहर नहीं निकाला तो वह आत्मा राजन को मर देगी। 

यह सुनकर राजन के पिता बहुत चिंतित हो जाते हैं और तांत्रिक से पूछते हैं कि अब आप ही इस समस्या का कोई समाधान बताएं।

तब वह तांत्रिक कहता है कि तीन दिन बाद वह राजन को मेरे अड्डे पर ले आए तो शायद में कुछ कर पाऊं।

इतना कहकर वह तांत्रिक वहां से चला जाता है। फिर सभी हिम्मत करके घर के अंदर जाते हैं। रात को देखते हैं कि राजन कहीं जा रहा होता है। जब वह वापस लौटता है तो उसके कपड़ों पर बहुत सा खून लगा होता है। 

जब तीसरे दिन राजन को तांत्रिक के अड्डे पर ले जाना होता है तो वह उसे चारपाई के साथ ही तांत्रिक के अड्डे पर ले जाते हैं। जैसे ही वो तांत्रिक के अड्डे में घुसने वाले होते हैं तो राजन जाग जाता है और वह खड़ा हो जाता है।

 तभी तांत्रिक अपने चेलों से उसे पकड़ कर अड्डे के भीतर लाने को कहता है। सब राजन को घेर कर पकड़ने कि कोशिश करते हैं पर उसे पकड़ते पकड़ते कई अपनी जान गवां देते हैं और कुछ घायल हो जाते हैं। 

फिर तांत्रिक अपनी शक्ति से राजन कि अंदर खींच लेता है और दरवाजे पर सुरक्षा कवच लगा देता है जिससे राजन वहां से भाग नहीं पाता। 

अब तांत्रिक पूजा पाठ शुरू करता है पर आत्मा पर उसका कोई असर नहीं होता । वह तांत्रिक के सभी शिष्यों को मार देता है। तब तांत्रिक घोर तपस्या में लीन हो जाता है वह अपना खून अग्नि देवता को अर्पित करता है जिससे उस आत्मा के तरफ गोलाई में अग्नि कवच बन जाता है। 

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वह उस अग्नि कवच के बाहर नहीं निकल पाती। फिर तांत्रिक उस आत्मा को भागने कि कोशिश करता है पर उसकी किसी भी शक्ति का आत्मा पर कोई असर नहीं पड़ता। इसलिए वह अपनी जटाएं शंकर जी को अर्पित करता है और उनसे उस आत्मा को वश में करने कि शक्ति मांगता है। 

फिर वह शंकर जी द्वारा दी गई शक्ति का उपयोग करके उस आत्मा को अग्नि में भष्म कर देता है। 

जब राजन के शरीर से आत्मा निकल जाती है तो वह बेहोश हो जाता है। तांत्रिक राजन को एक रक्षा सूत्र बांधता है और उसके घर के बाहर सुरक्षा कवच लगा देता है। 

सभी उस तांत्रिक का धन्यवाद करते हैं। वो अब राजन के होश में आने कि प्रतीक्षा कर रहे होते हैं। राजन के होश में आने के बाद सब पहले कि तरह रहने लगते हैं।

 फिर एक दिन राजन पुस्तकालय से भूतों कि किताब लाता है। फिर वह उन किताबों को पड़ने लगता है तो फिर उसके साथ अजीब घटनाएं घटने लगती  हैं। पर इस बार वह किताब को वापस कर देता है और खुशी खुशी रहने लगता है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

तो दोस्तों आपको यह ऑनलाइन भूतों का जमाना कहानी कैसी लगी। ऐसी ही मजेदार कहानियां पढ़ने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे


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