Real Horror Story In Hindi 2021| हमारा भूतिया स्कूल |

Real life Horror stories 2021


दोस्तों क्या आपके स्कूल में भी कोई भूतिया घटना घाटी है? क्या आपको भी भूतों कि कहानियां अच्छी लगती हैं? क्या आप भी 👻 real life haunted stories(रियल लाइफ हॉरर स्टोरी इन हिंदी) पढ़ने के शोखीन हैं?

अगर हां तो आज मै आप लोगो के लिए हमारे स्कूल की भूतिया घटना को साझा करने वाले हैं। 

इस कहानी हमारा भूतिया स्कूल (रियल लाइफ हॉरर स्टोरी इन हिंदी ) में मै और मेरे दोस्त हमारे स्कूल के भूतिया कमरे में जाते हैं और फिर वहां जो होता  हैं हम उसे आज तक नहीं भुला पाए हैं। Real life haunted stories, Horror stories in hindi के लिए हमारे साथ जुड़े हैं।


हमारा भूतिया स्कूल

यह कहानी तब की है जब हम पांचवीं कक्षा में नगर निगम स्कूल में पढ़ते थे। उस वक्त हम छोटे थे इसलिए हमे ज्यादा कुछ पता नहीं था। जब मैंने उस स्कूल में दाखिला लिया तो मुझे नहीं पता था कि उस स्कूल की भी कोई कहानी है।

 मेरे स्कूल कि तीसरी मंजिल पर एक बंद कमरा था। वहां कोई आता जाता नहीं था। धीरे धीरे मेरी कक्षा के बच्चों से मुझे पता चला कि उस कमरे में एक बच्चे की मौत हुई थी। तब से उस कमरे में अजीब अजीब घटनाए होने लगी थी। Ghost Stories in Hindi 👻


 उस कमरे से अजीब आवाजें आने लगती थी। और तो और उस कमरे में जाने से एक बच्चे की मौत हो जाती है। अब तो अध्यापक भी उस कमरे में नहीं जाते थे उस कमरे को फिर बंद कर दिया जाता है। और ऊपर जाने के लिए सबको मना भी किया जाता था।

 बच्चे उस कमरे तो क्या उस मंजिल पर भी नहीं जाते थे। यह सब सुनकर तो मुझे भी डर लगने लगता है। उसी साल आदित्य और रोहताश नाम के दो लड़कों का दाखिला होता है। धीरे धीरे मेरी और उनकी दोस्ती हो जाती है।

 कुछ दिनों बाद मैंने उन्हे उस कमरे के बारे में बताया। वे उस बात को मजाक में लेकर कहने लगता है कि ऐसा कुछ भी नहीं है। फिर वो ऊपर की ओर जाने लगते हैं। मै उनको बहुत मना करता हूं फिर भी वे नहीं मानते और ऊपर कमरे में जाने लगते हैं। 

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अंदर से उन्हे भी डर लग रहा होता है पर वे हिम्मत करके ऊपर जीने तक जाते हैं, और थोड़ी ही देर में वहां से दौड़ते हुए वापस हो जाते हैं। रोहतास का घर उस स्कूल के पास में ही होता है इसलिए मै और आदित्य उसके घर आते जाते रहते थे।

 एक दिन जब मैं और आदित्य रोहतास के घर से वापस जा रहे होते हैं तो मै देखता हूं कि स्कूल के सभी कमरों की लाइट बंद होती है पर उस कमरे की लाइट जल रही थी। हम डर कर वहां से भाग जाते हैं। फिर अगले दिन हमारा स्कूल जाने का मन नहीं करता पर हमारे घर वाले हमें स्कूल छोड़कर आते हैं।

 हम दोनों डर डर कर स्कूल जाते हैं। और हमने जो कल रात देखा था वह कक्षा के बच्चों को बताते हैं। तो सब बच्चे भी डर जाते हैं। 

उस दिन हमारी दोस्ती गोलू से हो जाती हैं वह भी भूतों से बहुत डरता था। इसलिए रोहतास और आदित्य मन घड़न कहानियां सुना कर उस डराते रहते थे। यह सिलसला कुछ दिनों तक चलता रहता हैं फिर एक दिन हमने उस कमरे से किसी के रोने की आवाज सुनी।


 हमरी हिम्मत तो नहीं हो रही थी कि हम उस कमरे में जाकर देखें इसलिए हम अपने अध्यापक को बताई और सब बच्चों को इकठ्ठा किया। जब हम उस कमरे के बाहर पहुंचे तो हमे कोई आवाज नहीं सुनाई दी। तब अध्यापक कहते हैं कि यहां तो कोई आवाज नहीं आ रही है। वह कहते हैं कि यह तुम्हारा वहम होगा। 


फिर सब वहां से चले जाते हैं। हम चारों ने  आवाज को सुना था इसलिए हम थोड़ा डरे हुए थे और जानना चाहते थे कि आखिर उस कमरे में क्या है। फिर हम चारों प्लान बनाते हैं कि आज रात हम उस कमरे में जाएंगे और देखेंगे कि आखिर उस कमरे में क्या है।

 हम जानना चाहते थे कि क्या सच में उस कमरे में कोई भूत है। अपने प्लान के अनुसार हम चारों रोहतास के घर पर एकत्रित होते हैं।

 हम टॉर्च लेकर स्कूल के गेट पर चढ़कर अंदर प्रवेश करते हैं। पूरे स्कूल की लाइट बंद होती है पर उस कमरे की लाइट जल रही होती है।

 हम चारों डरते डराते ऊपर पहुंचते हैं। पर जैसे ही हम उस कमरे के गेट को खोलने की कोशिश करते हैं तो पूरे स्कूल की लाइट चलू बंद होने लगती है। हम और डर जाते हैं। हम वहां से भागने लगते हैं।

 पर फिर रुककर हम उस कमरे तक जाने की हिम्मत जुटाते हैं। जब हम दुबारा ऐसा करते हैं तो फिर से वहां की लाइट चालू बंद होने लगती है।

 फिर अचानक उस कमरे का दरवाजा खुल जाता है। और हम चारों उसके अंदर जाते हैं। हम अंदर जाकर देखते हैं कि उस कमरे में सब टूटी बेंच पड़ी हुई थी।

 वहां उस कमरे की लाइट बंद हो चुकी थी। इसलिए हम अपनी अपनी टॉर्च जलते हैं। हम जैसे ही वहां की एक बेंच पर बैठते हैं तो अचानक दरवाजा बंद हो जाता है। हमारी डर से चीख निकल जाती है।

 हम बहुत डर जाते हैं। हम उस कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश करते हैं। फिर अचानक उस कमरे में बचाओ बचाओ की आवाजे आने लगती है।


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हम सब चीखते हुए दरवाजे को खोलने की कोशिश करते हैं पर वह नहीं खुलता हम और डर जाते हैं। कुछ देर बाद आवाजे आना बंद हो जाती हैं। और कमरे की लाइट वापस आ जाती हैं। तब हमारी जान में जान आती है। 

तभी अचानक दरवाजा खुलने की आवाज आती है और वहां एक गार्ड आ जाता है जिसको हमने उससे पहले कभी नहीं देखा था।

 हम वहां से भागते भागते अपने अपने घर चले जाते हैं। उस दिन जो हमारे साथ हुआ हमने उसे किसी को भी नहीं बताया। फिर हम कुछ दिनों तक स्कूल भी नहीं जाते हैं।


 कुछ दिनों बाद हमारी परीक्षा आ जाती हैं। हम अपनी परीक्षा पास कर के दूसरे स्कूल में  दाखिला ले लेते हैं। उसके बाद हम कभी भी उस कमरे तक नहीं गए। आज तक हम उस कमरे में जाने से डरते हैं। 

हालांकि अब रात को उस कमरे की लाइट भी नहीं जलती। उस दिन के बाद वह गार्ड भी दिखाई नहीं दिया।  यह थी हमारे बचपन की एक डरावनी कहानी

पढ़ने के लिए धन्यवाद

तो दोस्तों कैसी लगी आपको हमारे बचपन की यह डरावनी कहानी (हमारा भूतिया स्कूल) रियल लाइफ हॉरर स्टोरी इन हिंदी हमे कॉमेंट करके जरूर बताएं।

अगर आप ऐसी ही कहानियां भूतिया स्कूल, डरावनी कहानी पढ़ना चाहते हैं तो हमारे साथ जुड़े रहे.. और पढते रहेंं  रियल लाइफ हॉरर स्टोरी इन हिंदी।  

क्या आपके साथ कभी कोई डरावनी घटना घटी है अगर हां तो आप उसे हमारे साथ साझा कर सकते हैं जिसको हम यह प्रकाशित कर सकते हैं। पर कहानी आप कि लिखित हो ना कि कहीं से कॉपी कि हुई।


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